Cryopreservation 2022 : मरे हुए लोग जिंदा होंगे, इस तकनीक को देख आपके होश उड़ जाएंगे

Cryopreservation :- अमर होना कौन व्यक्ति नहीं चाहता सारे लोग यही चाहते हैं कि मैं कभी मरूं मत और बुड्ढा भी ना हूं वैज्ञानिकों ने इस पर काफी शोध किया है, लेकिन अभी तक इसका कोई अहम सुराग हासिल नहीं हुआ है कि लोगों को मृत्यु के बाद भी जिंदा किया जा सके हालांकि अभी भी कितने वैज्ञानिक शोध पर लगे हुए हैं कि, आदमी बूढ़ा क्यों होता है |




और आदमी बूढ़ा होता है तो लास्ट में मर क्यों जाता है मरने का रीजन क्या है | मरने के बाद क्या भविष्य में मरे हुए व्यक्ति को जिंदा किया जा सकता है |

क्या यह संभव है वैज्ञानिकों द्वारा इस पर काफी गहनता से रिसर्च करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि, ऐसा संभव है हो सकता है |

Cryopreservation
Cryopreservation

भविष्य कुछ ऐसी अविष्कार हो जिसे मरे हुए व्यक्ति को भी जिंदा किया जा सके इसी उम्मीद में लोगों को वैज्ञानिकों द्वारा और एक नहीं कई प्राइवेट कंपनियों द्वारा एक तरह की तरल नाइट्रोजन के टैंक में भरकर कुछ मरे हुए व्यक्तियों को जो बहुत अमीर या फिर बहुत बड़े साइंटिस्ट या बिजनेसमैन हो उनको रखा गया है |

और उन्हें भविष्य में जिंदा करने के लिए शोध पर भी कार्य चल रहा है हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि क्या भविष्य में मरे हुए व्यक्ति को जिंदा किया जा सकता है | क्या संभव है आइए जानते है |

कैसे जिंदे होंगे मरे हुए आदमी

क्रायोप्रिजर्वेशन क्या है ? इसका उपयोग किस लिए किया जाता है ? और क्यों?

Cryopreservation Introduction :- इसे आप एक तरह की न्यू टेक्नोलॉजी (Cryopreservation ) कह सकते हैं, या एक नई तरह की तकनीक है जिसके द्वारा आप किसी जीवित कोशिकाओं को या फिर सेल्स को काफी लंबे समय तक सुरक्षित एवं सहेज कर इसके माध्यम से रख सकते हैं |

इस तकनीक में होता क्या है ज्यादातर तापमान ठंडे माइनस डिग्री -70 माइनस डिग्री -30 हो गया -120 के बीच में मरे हुए व्यक्ति या फिर कोशिकाएं को बॉक्स या कैंटीन में डाइऑक्साइड या तरल नाइट्रोजन का इस्तेमाल कर सुरक्षित कर दिया जाता है | कम तापमान पर लगभग हर तरह की रासायनिक और जैविक गतिविधियां लगभग बंद हो जाती हैं और कोशिकाएं एवं सेल्स सुरक्षित रहती हैं |

Cryopreservation अगर अत्यधिक तापमान को बढ़ा दिया जाए तो कोशिकाओं में बर्फ जम सकती है इसीलिए इस तकनीक के लिए क्रायो-प्रोटेक्टान्ट्स नामक पदार्थ जो कि तरल मात्रा में होता है | उसका इस्तेमाल किया जाता है कोशिकाओं को सुरक्षित करने के लिए आप इस तरह की विधि बहुत आसानी से देख सकते हैं |

आपने कभी पशु डॉक्टर को देखा ही होगा जब वह किसी पशु को परिसीमन करने के लिए अपने बॉक्स से पशुओं की गर्भाशय करने के जब बॉक्स से सुई निकालता है तो उस समय धुए जैसा गैस उस बात से उड़ते हुए दिखाई देता है वही धुआं नाइट्रोजन गैस का होता है |वह बहुत ही ठंडा होता है | सेम यही कंडीशन लाशों को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है |

Cryopreservation – महत्वपूर्ण लिंक देखें

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