Valmiki Nagar bihar 2022 : बाल्मीकि बाघ अभ्यारण कहां है, बाल्मीकि नगर नारायणी नदी बांध भाईसा लोटन बाल्मीकि नगर नेपाल बॉर्डर कितना दूर है

Valmiki Nagar bihar 2022 :– बाल्मीकि नगर को औपचारिक रूप से लोगों द्वारा भैंसा लोटन के नाम से भी जाना जाता है| यह एक प्रसिद्ध पर्यटन में बेशुमार नामों से भी जाना जाता है| यहां से नेपाल होते हुए बिहार प्रांत से नारायणी नदी Narayani River का उद्गम होता है| नेपाल और बिहार के बॉर्डर पर गंडक परियोजना के नाम से एक बाध भी बनाया गया है| पुल का आधा हिस्सा नेपाल प्रांत में पड़ता है जबकि आधा हिस्सा बिहार के प्रांत में पड़ता है| इस नदी को उत्तर पश्चिमी भाग रेखा भी कहा जाता है|




Valmiki Nagar bihar 2022
Valmiki Nagar

इस नदी से पूर्वी यूपी उत्तर प्रदेश के लगभग 15% परसेंट सिंचाई कार्य संपन्न होता है| इस बांध के मदद से विद्युत टरबाइन लगाकर विद्युत का भी प्रयोग किया जाता है| यह बांध तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा उद्घाटन किया गया था अगर बात करें यहां प्राकृतिक सुंदरता की तो यह किसी पर्यटन के नाम के लिए काफी समय से जाना जाता रहा है| यहां गंडक की तेज धाराएं हिमालय की तलहटी की विराट शांति आपकी मन को मोह लेगा|

बाल्मीकि नगर की धार्मिक मान्यताएं

Valmiki Nagar bihar 2022 :-बाल्मीकि नगर के धार्मिक मान्यताएं काफी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं |इसी बाल्मीकि जंगल में भगवान श्री राम द्वारा अपनी पत्नी श्री सीता माता को गर्भवती अवस्था में छोड़ दिया गया था तब माता सीता द्वारा इसी वन में विचरण करने के दौरान श्री बाल्मीकि जी से मुलाकात होती है मुलाकात के दौरान सीता माता द्वारा अपनी सारी विधाएं को बताया जाता है तत्पश्चात श्री बाल्मीकि जी द्वारा जो कि इसी बाल्मीकि जंगल में है|

Valmiki Nagar bihar 2022 :- अपनी कुटिया बनाकर बच्चों को शिक्षित करने का कार्य करते रहते हैं उन्हें अपनी बाल्मीकि आश्रम Valmiki Ashram को लेकर जाया जाता है और माता सीता के लिए एक कुटिल स्थान स्थगित कर दिया जाता है कालांतर में माता सीता द्वारा दो बच्चों को जन्म दिया जाता है जिनका नाम लव एवं कुश नाम से हम लोग रामायण में जानते हैं जब भगवान श्री राम द्वारा अश्वमेध यज्ञ कराया जाता है तब यज्ञ का घोड़ा पूरे पृथ्वी पर भ्रमण करने के लिए छोड़ा जाता है |

तब इसी बाल्मीकि जंगल में सीता माता के पुत्र लव एवं कुश द्वारा उस घोड़े को बांध लिया जाता है तदुपरांत यह बात क्या अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र जी के दूत द्वारा यह बताया जाता है की आपकी अश्वमेध यज्ञ की घोड़ा दो छोटे बालकों द्वारा अपने आश्रम में बांध लिया गया है छोड़ने की जिद करने पर बच्चों द्वारा इस घोड़े के जो प्रभु हैं उन्हें बुलाने की प्रस्ताव रखी जाती है|

बेतिया नरेश द्वारा बनाया गया मंदिर – Temple built by King of Bettiah

Valmiki Nagar bihar 2022 :- बाल्मीकि आश्रम Valmiki Ashram एवं भैंसा लोटन bhaisa lotan के नाम से भी इस बाल्मीकि नगर को जाना जाता है| जहां रामायण के लेखनी महर्षि वाल्मीकि के कुछ साल बीते होने का प्रमाण मिलता है| एवं बेतिया के राजा द्वारा निर्मित भगवान शिव मंदिर और प्राचीन शिव पार्वती मंदिर भी यही स्थित है 544 वर्ग किमी में फैला बाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व अपने आप में कुख्यात असंख्य जंगली जानवरों और पक्षियों का घर है| शानदार हिमालय की दृश्य दिखाई देती है, एवं शांत वातावरण एवं जल वायु है| यहां जंगली जानवरों के लिए भी वाइल्डलाइफ का कार्य करता है| यह बाल्मीकि नगर

बाल्मीकि बाघ अभ्यारण-Balmiki Tiger Reserve

Balmiki Tiger Reserve :- वाल्मिकी टाइगर रिजर्व भारत के सबसे प्रमुख टाइगर रिजर्व में एक है, बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित नेपाल भारत से टाइगर रिजर्व लगभग 880 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है | वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान (Valmiki National Park) और बाल्मीकि Balmiki Tiger Reserve अध्याय नाम भी इसका रखा गया है| यह टाइगर रिजर्व भारत का 18 अट्ठारह टाइगर रिजर्व है| और बात की जाए भारत की कुल बाघों की आबादी के मामले में यह चौथे स्थान पर है|

1978 के दशक में इस बाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व (Balmiki Nagar Tiger Reserve) का क्षेत्रफल 464 वर्ग किलोमीटर था वहीं 1989 में इसे बढ़ाकर 800 सी वर्ग किलोमीटर बढ़ा दिया गया | इस नेशनल पार्क का नाम बाल्मिकीनगर वन क्षेत्र भीतर स्थित एक छोटे से शहर से मिलता है| इस क्षेत्र में घने जंगलों होने के कारण टाइगर रिजर्व पर एकमात्र प्रवेश बाल्मीकि नगर शहर माध्यम है|

आप पनियहवा रेल पुल से बाल्मीकि (Paniyava Rail Bridge to Balmiki) के अंदर प्रवेश कर सकते हैं| या फिर बिहार से बगहा से होकर आने वाला सड़क मार्ग जंगल होकर जाता है| वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) से बीचो-बीच होकर गंडक नदी (Gandak River) इसे हरा-भरा एवं पशु पक्षियों के लिए पीने योग्य कराती है| यहां फोटोग्राफी के लिए खास बेहद जगह है |

Animals Found in Valmiki Tiger Reserve – वाल्मीकि टाइगर रिजर्व मे पाय जाने वाले पशुओं

Animals Found in Valmiki Tiger Reserve

स्तनधारी :- बाघ, तेंदुआ, ऊदबिलाव, हिरण, काले हिरण, एक सिंगी, सिरस बंदर, जंगली कुत्ता, जंगली भैंस, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, तेंदुआ, बिल्ली, नीलगाय, उड़ने वाली गिलहरी, भौंकने वाला हीरा, चित्तीदार हिरण आदि |

सरीसृप :- अजगर, कोबरा, किंग कोबरा, क्रेट, बेंडेल, कैरेट, सेंडवा, मगरमच्छ, घड़ियाल, मॉनिटर छिपकली आदि

पक्षियों :-तीन चार बटे ग्रेट, स्वीट, कौवा, कबूतर, तोता, गोरिया, मैना, स्टाक ग्रीन,वाइट आई वॉरब्बलर. बार्बी ट्री. पीपीटी पन्ना. कबूतर उल्लू, बगुला, मोर, तीतर, चकवा चकई, लालसर, बत्तख मुर्गी,आदि

बाल्मीकि नगर आने का रास्ता-way to balmiki nagar

अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं तो निकटतम रेलवे स्टेशन बाल्मीकि नगर है वहां से इसकी दूरी महज 5 किलो मीटर है |

अगर आप सड़क के रास्ते से बाल्मीकि नगर का सैर करना चाहते हैं तो ,बाल्मीकि नगर से निकट तम शहर बिहार का बगहा है | जहां से बाल्मीकि नगर की दूरी महज 46 किलोमीटर दूर है वहां से बस सेवा भी उपलब्ध रहता है |

हवाई जहाज से आना चाहते हैं तो ,या तो आप उत्तर प्रदेश के गोरखपुर आइए या फिर पटना हवाई अड्डा आइए गोरखपुर से इसकी कुल दूरी 142 किलोमीटर होगा जबकि पटना से इसकी कुल दूरी 295 किलोमीटर होगा |

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